शिव महिम्न स्तोत्र

शिव महिम्न स्तोत्र क्या है? शिव महिम्न स्तोत्र में समर्पण, प्रेम, ज्ञान, वैराग्य, व शक्ति का अद्भुत संगम है। इसकी उत्पत्ति कब, कैसे और किन परिस्थितियों में की गयी। यह…

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उर्वशी अप्सरा और पुरु से इंद्र का छल

प्रेम…शर्त और… इंद्र का जाल !! ।। उर्वशी अप्सरा और राजा पुरु की प्रेम- कहानी।। ईश्वर की सबसे सुंदर रचना मनुष्य है। यह कहानी उस समय की है जब पृथ्वी…

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समाधि कि सहज अवस्था

सदगुरुनाथ महाराज की जय “ श्री गणेशाय नमः ” योग में अनेक प्रकार की अवस्थायें बताई गयी हैं। सभी साधनायें सहज होनी चाहिये। हठपूर्वक-बलपूर्वक ध्यान करना, साधना करना, समाधि में जाना…

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Online Education (ऑनलाइन पढाई )

Take Some Precautions थोड़ा सावधान रहें ! आज का टाइम इंटरनेट का है। वर्तमान में लगभग सभी ऑफिस, स्कूलों, बैंक आदि सभी जगह इंटरनेट का भरपूर यूज हो रहा है।…

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त्राटक विद्या

सदगुरुनाथ महाराज की जय “ श्री गणेशाय नमः ” ऐसी अनेक साधनायें हैं जो मन को एकाग्र करने के लिये हैं। त्राटक विद्या भी उनमें से एक है। एक सीधी…

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श्री कृष्ण को गीता का ज्ञान, अर्जुन को देने की जरुरत क्यों पड़ी?

गीता संस्कृत महाकाव्य महाभारत में युद्ध के बीच की घटना है- जो भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच संवाद के रूप में है। अर्जुन के युद्ध में आने के…

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मन- मानव का छिपा शत्रु भी और सबसे महान मित्र भी

प्राय: हमारे अंदर जो भी विचार उमड़ते  हैं उन्हें हम अपना संसार समझ बैठते हैं, हम जैसा सोचते हैं, कुछ समय के लिए हम वैसे ही हो जाते हैं| यह…

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“ पुनः मूषको भव ”

वापिस चूहा बन जा...!! यह एक छोटी सी कहानी, आजकल के हालात में सही बैठती है। कहानी तो यह प्राचीनकाल की है, पर मैसेज आज के समय का है। एक…

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गुरु कृपा- महान गुरु साधना के समय अपनी शक्ति का शिष्य में योग करते हैं, जो शक्तिपात दीक्षा कहलाती है|

सदगुरू नाथ महाराज की जय “ श्री गणेशाय नमः ” शक्तिपात दीक्षा : शक्तिपात महान ऋषियों द्वारा दी जाने वाली एक रहस्यमयी गुप्त दीक्षा है। आदिकाल से ही जीवंत परम्परा है,जो गुरु…

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मनुष्य जीवन की सच्चाई – ह्रदय में आत्मा का ज्ञान

 सदगुरूनाथ महाराज की जय “ श्री गणेशाय नमः ” मनुष्य कँहा जा रहा है? मनुष्य कँहा से आया है और क्या करने के लिये आया है? लक्ष्य भूल गया है।…

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